नूरीहो की पाँचवीं उड़ान में 15 उपग्रह होंगे और यह बुधवार दोपहर दक्षिण जिओला प्रांत के गोहंग स्थित नारो अंतरिक्ष केंद्र से रवाना होने वाली है। पेलोड (रॉकेट पर रखकर प्रक्षेपित किए जाने वाले उपग्रह आदि) में न्यू स्पेस पृथ्वी-अवलोकन उपग्रह समूह के 5 निओनसैट उपग्रह और 10 क्यूबसैट शामिल हैं। इस प्रक्षेपण की योजना में दक्षिण कोरिया में पहली बार समूह के 5 उपग्रहों को तय अंतराल पर एक-एक करके अलग करना शामिल है।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

इस प्रक्षेपण में देखने वाली बात केवल उपग्रहों की संख्या ही नहीं, बल्कि उन्हें कक्षा में किस क्रम और तरीके से तैनात किया जाएगा, यह भी है। समूह उपग्रहों का मतलब ऐसे उपग्रहों से है जिन्हें एक समूह के रूप में संचालित किया जाता है। इस योजना के तहत 5 निओनसैट उपग्रहों को एक-दूसरे से 35~40 सेकंड के अंतराल पर क्रमशः अलग किया जाएगा। यदि यह खबर में बताई गई योजना के अनुसार हुआ, तो यह दक्षिण कोरिया में समूह के 5 उपग्रहों को तय अंतराल पर क्रमशः अलग करने का पहला मामला होगा।

उपग्रहों को अलग करने की प्रक्रिया प्रक्षेपण के तुरंत बाद एक साथ नहीं होगी, बल्कि ऊँचाई और समय के अनुसार चरणों में निर्धारित है। निओनसैट की तैनाती प्रक्षेपण के लगभग 13 मिनट 30 सेकंड बाद 575 किलोमीटर की ऊँचाई पर शुरू होगी। इसके बाद 10 क्यूबसैट लगभग 577 किलोमीटर की ऊँचाई पर अलग किए जाने वाले हैं। इसलिए यह देखना होगा कि प्रक्षेपण यान निर्धारित उड़ान पूरी करता है या नहीं, और साथ ही यह भी कि अलग-अलग उपग्रह समूह नियोजित क्रम और ऊँचाई पर अलग होते हैं या नहीं।

संभावित प्रक्षेपण तिथियाँ 8 से 14 अक्टूबर तक तय की गई हैं। योजना पर विचार करते समय यह भी ध्यान रखना चाहिए कि प्रक्षेपण के दिन मौसम और अन्य परिस्थितियों के अनुसार उड़ान का क्रम बदल सकता है। प्रक्षेपण का कार्यक्रम और उपग्रहों को अलग करने की योजना अभी निर्धारित बातें हैं; खबर में प्रक्षेपण का सटीक समय या प्रक्षेपण और उपग्रहों को अलग करने के वास्तविक परिणाम नहीं दिए गए हैं।

इस खबर का अर्थ

5 निओनसैट उपग्रहों को अंतराल पर अलग करने की योजना में संचालन की ऐसी प्रक्रिया शामिल है जो किसी एक उपग्रह को कक्षा में भेजने से अलग है। हालांकि, केवल योजना की घोषणा से यह नहीं माना जा सकता कि प्रक्षेपण या उपग्रहों को अलग करने की प्रक्रिया सफल रही। वास्तविक नतीजे का आकलन करने के लिए प्रक्षेपण के बाद यह पुष्टि होना जरूरी है कि प्रत्येक उपग्रह अलग हुआ या नहीं।

पाठकों के लिए इस प्रक्षेपण का मतलब केवल रॉकेट के उड़ान भरने का क्षण नहीं है; इसमें यह पूरी प्रक्रिया भी शामिल है कि 15 उपग्रह निर्धारित ऊँचाई और क्रम के अनुसार अलग हों।

मुख्य बात यह है कि ‘15 उपग्रह ले जाए गए’ और ‘सभी 15 योजना के अनुसार अलग हुए’—इन दोनों बातों को अलग-अलग समझा जाए। फिलहाल जिस बात की पुष्टि है, वह प्रक्षेपण और उपग्रहों को अलग करने की नियोजित योजना है।

पुष्ट तथ्य और वे बातें जो अभी अज्ञात हैं

पुष्ट तथ्य

  • नूरीहो की पाँचवीं उड़ान बुधवार दोपहर गोहंग के नारो अंतरिक्ष केंद्र से रवाना होने वाली है।
  • पेलोड में कुल 15 उपग्रह हैं: 5 निओनसैट उपग्रह और 10 क्यूबसैट।
  • निओनसैट की तैनाती प्रक्षेपण के लगभग 13 मिनट 30 सेकंड बाद 575 किलोमीटर की ऊँचाई पर शुरू होगी; क्यूबसैट लगभग 577 किलोमीटर की ऊँचाई पर अलग किए जाने वाले हैं।
  • संभावित प्रक्षेपण तिथियाँ 8 से 14 अक्टूबर तक हैं और मौसम तथा अन्य परिस्थितियों के अनुसार उड़ान का क्रम बदल सकता है।

वे बातें जो अभी अज्ञात हैं

  • खबर में प्रक्षेपण का सटीक निर्धारित समय नहीं दिया गया है।
  • अभी यह पुष्टि नहीं की जा सकती कि प्रक्षेपण और उपग्रहों को अलग करने की प्रक्रिया योजना के अनुसार हुई या नहीं।

पाठकों को किन बातों की जाँच करनी चाहिए

  • प्रक्षेपण के दिन कोरिया एयरोस्पेस रिसर्च इंस्टीट्यूट (한국항공우주연구원) की सूचना में प्रक्षेपण का सटीक समय और कार्यक्रम में हुए किसी बदलाव की जाँच करें।
  • मौसम और अन्य परिस्थितियों के कारण उड़ान का क्रम बदलने की संभावना को ध्यान में रखते हुए, प्रक्षेपण से पहले और बाद की सूचनाएँ दोबारा देखें।
  • प्रक्षेपण के बाद केवल प्रक्षेपण की सफलता ही नहीं, बल्कि निओनसैट और क्यूबसैट के अलग होने की भी अलग से पुष्टि करें।

संदर्भ

  • संदर्भित अन्य रिपोर्ट: en.yna.co.kr