अल्जीरिया के उत्तरी बेजाया प्रांत में बार्बरी मकाक और किसानों के बीच संघर्ष की पड़ताल करने वाले एक सर्वेक्षण में पाया गया कि सर्वेक्षण में शामिल लगभग एक-तिहाई खेत मकाक से जुड़ी फसल क्षति के कारण छोड़ दिए गए थे। सर्वेक्षण में शामिल परिवारों की आय का औसतन लगभग 35% हिस्सा कृषि से आता था और कुछ परिवारों के लिए यह आय का एकमात्र स्रोत था। संकटग्रस्त और अल्जीरिया में कानूनी रूप से संरक्षित बार्बरी मकाक की रक्षा करने का अर्थ केवल वन्यजीव संरक्षण तक सीमित नहीं है; इसमें नुकसान झेल रहे किसानों की आजीविका और प्राकृतिक आवास से जुड़े मुद्दों पर भी साथ-साथ ध्यान देना होगा।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
शोधकर्ताओं ने बेजाया प्रांत के 94 खेतों का सर्वेक्षण करके फसल क्षति और किसानों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले मकाक को भगाने के तरीकों की पड़ताल की। संघर्ष की अवधि में सर्वेक्षण में शामिल लगभग 68% खेतों में मकाक रोज़ाना फसलें चुनते थे। आधे से अधिक किसानों ने बताया कि छत की सामग्री या ड्रिप सिंचाई प्रणाली जैसे ढाँचों को भी नुकसान पहुँचा था।
नुकसान कुछ खास फसलों और समय पर केंद्रित था। सर्वेक्षण में शामिल लगभग सभी खेतों में अंजीर को नुकसान पहुँचा था। सेब, नाशपाती, अंगूर और मेवे भी अक्सर नुकसान झेलने वाली फसलों में शामिल थे। मकाक द्वारा फसलें चुनने की घटनाएँ स्थानीय अंजीर के पकने के मौसम, जुलाई से सितंबर, में चरम पर थीं और देर शरद ऋतु से सर्दियों तक घट गईं—इस दौरान ओक के जंगलों में उनका मुख्य जंगली भोजन, बलूत के फल, अधिक उपलब्ध होने लगता है।
समय और खेत का आकार भी इससे जुड़े थे। लोगों की गतिविधि कम होने के कारण भोर और संध्या के समय फसलें चुने जाने की घटनाएँ खास तौर पर आम थीं। खेती का रकबा जितना बड़ा था, ऐसी घटनाएँ उतनी ही बार होती थीं। दूसरी ओर, सर्वेक्षण के किसी भी उत्तरदाता ने मकाक के शारीरिक हमले या बीमारी फैलाने को लेकर चिंता नहीं जताई। इस सर्वेक्षण में सामने आए संघर्ष का मुख्य कारण लोगों पर हमले नहीं, बल्कि फसलों और ढाँचों को नुकसान तथा उससे होने वाली आजीविका की क्षति थी।
बेजाया प्रांत में 2001 से 2023 के बीच लगभग 50,400 हेक्टेयर वनक्षेत्र नष्ट हुआ। यह शुरुआती वनक्षेत्र का लगभग 40% था और 2023 में वनक्षेत्र का नुकसान सबसे अधिक रहा। 2014 से 2021 के बीच कृषि भूमि के विस्तार के संकेत नहीं मिले। हालांकि, शोधकर्ताओं ने कहा कि केवल इस अध्ययन से यह साबित नहीं किया जा सकता कि वनक्षेत्र के नुकसान के कारण किसानों द्वारा बताई गई मकाक से मुठभेड़ों में बढ़ोतरी हुई।
इस खबर का क्या अर्थ है
किसानों के लिए यह बात अहम है कि नुकसान हर साल मौसम के मुताबिक दोहराया जा सकता है और उनकी आजीविका से जुड़ा हो सकता है। चूंकि परिवारों की आय का औसतन लगभग 35% हिस्सा कृषि से आता है और कुछ परिवारों के लिए यह आय का एकमात्र स्रोत है, इसलिए फसलों का नुकसान महज़ असुविधा नहीं, बल्कि उनकी आय के आधार को हिला सकता है। नुकसान से जुड़े कारणों के चलते लगभग एक-तिहाई खेत छोड़ दिए जाने का नतीजा दिखाता है कि अगर इस संघर्ष को अनदेखा किया जाए, तो खेती जारी रखना मुश्किल हो सकता है।
किसानों द्वारा सबसे अधिक इस्तेमाल किए गए तरीके थे—कुत्तों से रखवाली, पारंपरिक बाड़ और गुलेल। लेकिन बचाव के अधिक तरीके इस्तेमाल करने का फसलें चुने जाने की आवृत्ति घटने से कोई संबंध नहीं पाया गया। इससे यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि केवल किसानों को मौजूदा तरीकों का अधिक इस्तेमाल करने की सलाह देने से नुकसान घटाना मुश्किल होगा। शोधकर्ताओं ने सुझाव दिया कि मकाक सामने आने वाली बाधाओं के अनुसार अपना व्यवहार बदल सकते हैं और उनसे बचकर निकलना सीख सकते हैं।
संरक्षण के नज़रिये से भी केवल खेतों पर ध्यान देना पर्याप्त नहीं होगा। सर्वेक्षण में पाया गया कि जंगली भोजन की उपलब्धता बढ़ने पर फसलें चुने जाने की घटनाएँ घटती थीं। इस नतीजे और वनक्षेत्र के नुकसान को साथ देखने पर किसानों का नुकसान घटाने के उपायों के साथ मकाक के प्राकृतिक आवास के संरक्षण पर भी विचार करने का कारण मिलता है। हालांकि, यह कारण-परिणाम संबंध साबित नहीं हुआ है कि वनक्षेत्र के नुकसान से मकाक के साथ मुठभेड़ सीधे बढ़ी।
उदाहरण के लिए, अंजीर उगाने वाला कोई किसान इस नतीजे के आधार पर जुलाई से सितंबर के दौरान हुए नुकसान और इस्तेमाल किए गए बचाव के तरीकों का रिकॉर्ड रखकर अपने उपायों की समीक्षा कर सकता है, क्योंकि इस अवधि में नुकसान केंद्रित हो सकता है। यह सर्वेक्षण के नतीजों पर आधारित एक उदाहरण मात्र है; इससे यह साबित नहीं होता कि कोई खास तरीका स्थानीय स्तर पर वास्तव में नुकसान घटाता है।
संबंधित नियम और सहायता संबंधी जानकारी
अल्जीरिया में बार्बरी मकाक कानूनी रूप से संरक्षित है। मूल पाठ के अनुसार, मकाक का शिकार करने या ज़हर जैसे प्रतिबंधित तरीकों का इस्तेमाल करने पर जुर्माना और कारावास हो सकता है। इसमें दंड के विशिष्ट मानदंड नहीं दिए गए हैं। इसलिए फसलों को नुकसान होने पर भी प्रतिबंधित तरीकों का मनमाने ढंग से इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
अल्जीरिया की बार्बरी मकाक संरक्षण रणनीति में नुकसान का मुआवज़ा देने का प्रस्ताव है, लेकिन मूल पाठ के अनुसार यह उपाय सर्वेक्षण वाले क्षेत्र में लागू नहीं किया गया था। बेजाया प्रांत में मुआवज़ा या सब्सिडी शुरू करने की कोई ठोस योजना भी सामने नहीं आई है। शोधकर्ताओं ने सुझाव दिया कि मुआवज़ा या सब्सिडी किसानों पर आर्थिक बोझ घटा सकती है और जानवरों को मारने की प्रेरणा कम कर सकती है। हालांकि, यह सुझाव किसी मौजूदा सहायता योजना का विवरण नहीं है।
सर्वेक्षण में शामिल लगभग सभी किसानों ने वन्यजीवों के साथ संघर्ष के प्रबंधन का कोई प्रशिक्षण नहीं लिया था। मूल पाठ में यह सुझाव दिया गया है कि बिजली की बाड़ और गति-संवेदी उपकरण स्थानीय स्तर पर प्रभावी हैं या नहीं, इसका परीक्षण किया जाए। इसमें मकाक को कम पसंद आने वाले खट्टे फलों के पेड़ बफर ज़ोन में लगाने का विकल्प भी बताया गया है। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि इन तरीकों की स्थानीय प्रभावशीलता पहले ही साबित हो चुकी है।
पुष्ट तथ्य और अब भी अज्ञात बातें
पुष्ट तथ्य
- शोधकर्ताओं ने बेजाया प्रांत के 94 खेतों में फसल क्षति और मकाक को भगाने के तरीकों आदि का सर्वेक्षण किया।
- सर्वेक्षण में शामिल लगभग एक-तिहाई खेत मकाक से जुड़ी फसल क्षति के कारण छोड़ दिए गए थे।
- लगभग सभी सर्वेक्षण किए गए खेतों में अंजीर को नुकसान होने की सूचना मिली और फसलें चुने जाने की घटनाएँ जुलाई से सितंबर में चरम पर थीं।
- किसानों द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले बचाव के तरीकों की संख्या बढ़ने और नुकसान की आवृत्ति घटने के बीच कोई संबंध नहीं पाया गया।
- बेजाया प्रांत में 2001 से 2023 के बीच लगभग 50,400 हेक्टेयर वनक्षेत्र नष्ट हुआ, लेकिन केवल इस अध्ययन से वनक्षेत्र के नुकसान और मकाक से मुठभेड़ों में बढ़ोतरी के बीच कारण-परिणाम संबंध साबित नहीं किया जा सका।
अब भी अज्ञात बातें
- सर्वेक्षण किस सटीक अवधि में किया गया और खेतों का चयन किस तरह हुआ, यह नहीं बताया गया।
- स्थानीय परिस्थितियों में बिजली की बाड़ या गति-संवेदी उपकरण वास्तव में नुकसान घटाते हैं या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हुई।
- बेजाया प्रांत में किसानों के नुकसान के मुआवज़े या सब्सिडी लागू करने की कोई ठोस योजना सामने नहीं आई।
पाठक क्या जाँच सकते हैं
- फसल क्षति झेल रहे किसान नुकसान पहुंची फसल, घटना के समय, ढाँचों को हुए नुकसान और इस्तेमाल किए गए बचाव के तरीकों का रिकॉर्ड रखकर मौसम के अनुसार इसके स्वरूप को देख सकते हैं। खास तौर पर जुलाई से सितंबर के बीच अंजीर को होने वाले नुकसान और भोर व संध्या के समय की घटनाओं को अलग-अलग दर्ज करना सर्वेक्षण के नतीजों से सीधे जुड़ता है।
- नुकसान से निपटने के उपाय चुनते समय यह नहीं मानना चाहिए कि बिजली की बाड़ या गति-संवेदी उपकरण पहले से प्रमाणित तरीके हैं। यह देखना चाहिए कि स्थानीय परिस्थितियों में उनकी प्रभावशीलता की पुष्टि हुई है या नहीं। मूल पाठ में केवल इतना कहा गया है कि इन उपकरणों का स्थानीय स्तर पर परीक्षण ज़रूरी है।
- बताया गया है कि नुकसान का मुआवज़ा या सब्सिडी संरक्षण रणनीति में प्रस्तावित थी, लेकिन सर्वेक्षण वाले क्षेत्र में लागू नहीं की गई थी। इसलिए सहायता मिलने की उम्मीद करने से पहले यह जाँचना ज़रूरी है कि संबंधित क्षेत्र में वह वास्तव में लागू है या नहीं और आवेदन की प्रक्रिया तय की गई है या नहीं।




















