ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख बिजली ग्रिड में कुल बिजली उत्पादन का 40% से अधिक हिस्सा नवीकरणीय ऊर्जा से आता है, लेकिन पवन ऊर्जा परियोजनाओं में निवेश और निर्माण की गति धीमी पड़ रही है। लेख का आकलन है कि संघीय सरकार का 2030 तक बिजली उत्पादन में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी 82% करने का लक्ष्य हासिल करना मुश्किल होता जा रहा है। अगर पवन ऊर्जा परियोजनाएं समय पर आगे नहीं बढ़ीं, तो कोयला बिजलीघर बंद होने पर उनकी जगह लेने वाली बिजली की कमी हो सकती है और बिजली आपूर्ति योजना भी प्रभावित हो सकती है।

पृष्ठभूमि और संदर्भ

ऑस्ट्रेलिया के बिजली ग्रिड में बदलाव पहले ही काफी आगे बढ़ चुका है। बिजली उत्पादन में नवीकरणीय ऊर्जा की हिस्सेदारी 20 साल पहले 10% से कम थी, जो अब बढ़कर 40% से अधिक हो गई है। हालांकि, इस बदलाव को पूरा करने के लिए 2050 तक A$106 अरब के निवेश की जरूरत होने का अनुमान लेख में दिया गया है।

समस्या यह है कि स्वच्छ ऊर्जा में निवेश हर क्षेत्र में एक ही रफ्तार से नहीं बढ़ रहा है। स्वच्छ ऊर्जा निवेशक समूह के 2026 के सर्वेक्षण में ऑस्ट्रेलिया के स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र को ‘आकर्षक’ मानने वाले प्रमुख निवेशकों का अनुपात 2025 के 69% से घटकर 58% रह गया। इसी अवधि में, इसे ‘कुछ हद तक आकर्षक नहीं’ मानने वालों का अनुपात 8% से बढ़कर 19% हो गया।

पवन ऊर्जा में सुस्ती का रुझान सौर ऊर्जा और बैटरी से अलग है। 2025 में ऑस्ट्रेलिया में बैटरी निवेश लगभग 70% बढ़कर 4.8 अरब डॉलर हो गया, जबकि पवन ऊर्जा में निवेश करीब 60% घटकर 2.6 अरब डॉलर रह गया। सौर बिजलीघरों में निवेश 5% घटकर 1.9 अरब डॉलर रहा। लेख के अनुसार, इस साल निर्माण वास्तव में शुरू करने के चरण तक पहुंचने वाले नए पवन बिजलीघर भी बहुत कम थे।

पवन ऊर्जा परियोजनाओं में बिजलीघर बनाने से पहले लंबा इंतजार करना पड़ता है। औसतन, इनके निर्माण में सौर ऊर्जा परियोजनाओं की तुलना में एक साल से अधिक अतिरिक्त समय लगता है, और परियोजना से आमदनी शुरू होने से पहले कई वर्षों तक उसके लिए वित्त जुटाना पड़ता है। इसके अलावा, 2020–2022 के दौरान पवन टर्बाइनों की कीमतों में लगभग 40% की बढ़ोतरी, पारेषण लाइनों की लागत और कुशल श्रमिकों की कमी भी चुनौतियां हैं।

परियोजना को व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य बनाने के लिए जरूरी बिजली की कीमत और बाजार में मौजूदा कीमत के बीच भी बड़ा अंतर है। लेख के मुताबिक, पवन बिजलीघर को व्यवहार्य होने के लिए बिजली की कीमत 100 डॉलर प्रति मेगावाट-घंटा से अधिक होनी चाहिए, जबकि मौजूदा बाजार कीमत लगभग 60 डॉलर है। निर्माण में अधिक समय और लागत लगने के बीच कीमतों का यह अंतर निवेश के फैसले को कठिन बना सकता है।

इस खबर का मतलब

पवन ऊर्जा में निवेश की देरी केवल बिजली उत्पादन के एक खास तरीके की सुस्ती तक सीमित नहीं है। ऑस्ट्रेलियाई ऊर्जा बाजार संचालक (AEMO) का अनुमान है कि 2030 में प्रमुख बिजली ग्रिड की नवीकरणीय ऊर्जा से होने वाली बिजली उत्पादन का 47% हिस्सा पवन ऊर्जा से आएगा। लेख का विश्लेषण है कि अगर पवन ऊर्जा अनुमान के मुताबिक नहीं बढ़ी, तो सौर ऊर्जा और बैटरियां कुछ कमी पूरी कर सकती हैं, लेकिन शायद पूरी खाई नहीं भर पाएंगी।

यह समस्या कोयला बिजलीघरों को बंद करने की समय-सीमा से जुड़ी है। विक्टोरिया राज्य का यालॉर्न बिजलीघर 2028 में बंद होने वाला है, जबकि एरारिंग बिजलीघर को दो साल का विस्तार मिलने के बाद 2029 में बंद किया जाना है। क्वींसलैंड का ग्लैडस्टोन बिजलीघर भी तय समय से छह साल पहले, 2029 में बंद हो सकता है। इन तीनों बिजलीघरों का कुल वार्षिक बिजली उत्पादन लगभग 30 टेरावाट-घंटा है, जो दक्षिण ऑस्ट्रेलिया के कुल वार्षिक बिजली उत्पादन का करीब दोगुना है।

पवन ऊर्जा परियोजनाओं को योजना से लेकर वास्तविक बिजली उत्पादन तक पहुंचने में समय लगता है। इसलिए कोयला बिजलीघरों के बंद होने के समय तक उनकी जगह लेने वाली बिजली तैयार रखने के लिए यह देखना जरूरी है कि निवेश और परियोजनाओं में देरी आगे चलकर आपूर्ति में कमी न बन जाए।

उदाहरण के लिए, अगर किसी पवन ऊर्जा परियोजना के निवेश संबंधी फैसले या मंजूरी प्रक्रिया में देरी हो, तो उस परियोजना से बिजली मिलने की अपेक्षित तारीख और कोयला बिजलीघर के बंद होने की तारीख के बीच अंतर हो सकता है। यह एक संभावित स्थिति पर आधारित उदाहरण है; लेख में किसी विशिष्ट परियोजना की समय-सारणी या बिजली की वास्तविक कमी का विवरण नहीं दिया गया है।

अलग-अलग खबरों में बताई गई बातें

उपलब्ध मूल स्रोत केवल एक है, इसलिए अलग-अलग खबरों के बीच तुलना नहीं की जा सकती।

पुष्ट तथ्य और अब भी अज्ञात बातें

पुष्ट तथ्य

  • ऑस्ट्रेलिया के प्रमुख बिजली ग्रिड में नवीकरणीय ऊर्जा से होने वाले बिजली उत्पादन की हिस्सेदारी 40% से अधिक है; 20 साल पहले यह 10% से कम थी।
  • 2030 का नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्य 82% है और AEMO का अनुमान है कि 2030 में नवीकरणीय ऊर्जा से होने वाले बिजली उत्पादन में पवन ऊर्जा की हिस्सेदारी 47% होगी।
  • 2025 में बैटरी निवेश बढ़ा, लेकिन पवन और सौर बिजलीघरों में निवेश घटा।
  • क्वींसलैंड राज्य ने पवन ऊर्जा परियोजना संचालकों से अधिक व्यापक प्रभाव आकलन और स्थानीय निवासियों के साथ परामर्श की मांग की है तथा तीसरे पक्षों के आपत्ति दर्ज करने के अधिकार का दायरा बढ़ाया है। मई 2025 में उसने सशर्त मंजूरी प्राप्त मूनलाइट रिज पवन बिजलीघर की परियोजना रद्द कर दी।
  • यालॉर्न और एरारिंग के बिजलीघर क्रमशः 2028 और 2029 में बंद होने वाले हैं, जबकि ग्लैडस्टोन बिजलीघर के 2029 में बंद होने की संभावना बताई गई है।

अब भी अज्ञात बातें

  • ऑस्ट्रेलियाई सरकार पवन ऊर्जा निवेश और परियोजनाओं की प्रगति को पटरी पर लाने के लिए कौन-सी ठोस नीतियां लागू करेगी, यह लेख में नहीं बताया गया है।
  • निर्माण चरण तक नहीं पहुंची पवन ऊर्जा परियोजनाओं की संख्या और उनमें से प्रत्येक पर काम कब आगे बढ़ेगा, यह सार्वजनिक नहीं किया गया है।
  • पवन ऊर्जा निवेश में देरी से अलग-अलग क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति में कितनी कमी आएगी, यह केवल इस लेख के आधार पर तय करना मुश्किल है।

पाठकों के लिए ध्यान देने योग्य बातें

  • ऑस्ट्रेलिया के नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्य या बिजली आपूर्ति योजना पर नजर डालते समय, नवीकरणीय ऊर्जा की कुल हिस्सेदारी के साथ-साथ पवन ऊर्जा परियोजनाओं में निवेश और निर्माण की प्रगति पर भी ध्यान देना जरूरी है।
  • कोयला बिजलीघरों के बंद होने की समय-सारणी और नए बिजली उत्पादन की परियोजनाओं से आपूर्ति शुरू होने की तारीखों को साथ रखकर देखने से यह समझने में मदद मिल सकती है कि वैकल्पिक बिजली की तैयारी में कोई खाई पड़ने की आशंका है या नहीं।
  • क्वींसलैंड की पवन ऊर्जा परियोजनाओं के बारे में देखते समय यह भी जांचा जा सकता है कि प्रभाव आकलन, स्थानीय निवासियों से परामर्श की शर्तें और तीसरे पक्षों की आपत्ति दर्ज करने की प्रक्रिया परियोजनाओं की प्रगति को कैसे प्रभावित करती हैं।