कोरिया ऐची-नागोया एशियाई खेलों में स्वर्ण पदकों का लक्ष्य हासिल नहीं कर सका और 39 स्वर्ण पदकों के साथ कुल मिलाकर तीसरे स्थान पर रहा। कोरिया खेल एवं ओलंपिक समिति ने प्रतियोगिता से पहले 40–50 स्वर्ण पदक जीतने और जापान के साथ अंतर कम करने का लक्ष्य रखा था, लेकिन कोरिया लगातार तीसरी बार एशियाई खेलों में तीसरे स्थान पर रहा। समिति के अध्यक्ष र्यू सेउंग-मिन ने कहा कि प्रतियोगिता से मिले सबक को कई पहलुओं से ग्रहण करना चाहिए और वे उन कारकों की समीक्षा करेंगे जिन्होंने परिणामों और खिलाड़ियों के प्रदर्शन को प्रभावित किया।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
पदकों की संख्या को देखते हुए कोरिया का लक्ष्य से पीछे रहना मामूली लग सकता है, लेकिन वह लक्ष्य की निचली सीमा—40 पदकों—से भी एक पदक पीछे रहा। कुल मिलाकर तीसरा स्थान बरकरार रहा, लेकिन जापान के साथ स्वर्ण पदकों का अंतर कम करने का लक्ष्य हासिल नहीं हुआ। स्वर्ण पदकों की दौड़ में कोरिया 2018 में जापान से 75 के मुकाबले 49 और 2023 में 52 के मुकाबले 42 से पीछे रहा।
इस प्रतियोगिता में चीन ने 169 स्वर्ण पदकों के साथ बढ़त बनाई, जबकि मेज़बान जापान ने 83 स्वर्ण पदक जीतकर एशियाई खेलों में अपने देश का अब तक का सर्वाधिक स्वर्ण पदक रिकॉर्ड बनाया। कोरिया के 39 पदकों की तुलना में चीन और जापान के पदकों की संख्या काफी अधिक थी।
अध्यक्ष र्यू ने कहा कि तीरंदाजी और ताइक्वांडो जैसे कोरिया के पारंपरिक स्वर्ण पदक वाले खेलों में खराब प्रदर्शन ने पदक की होड़ पर नकारात्मक असर डाला। उन्होंने यह भी कहा कि प्रतिस्पर्धा अब केवल चीन और जापान तक सीमित नहीं है और मध्य एशियाई तथा दक्षिण-पूर्व एशियाई टीमें तेजी से आगे बढ़ रही हैं। इससे यह चुनौती सामने आती है कि कोरिया को न केवल अपने पारंपरिक रूप से मजबूत खेलों के प्रदर्शन पर, बल्कि बदलते अंतरराष्ट्रीय प्रतिस्पर्धी माहौल पर भी ध्यान देना होगा।
अध्यक्ष र्यू ने कहा कि वे प्रशिक्षण व्यवस्था और खेल विज्ञान समेत उन कारकों का विस्तार से विश्लेषण करेंगे जो खिलाड़ियों के प्रदर्शन को प्रभावित कर सकते हैं। उनका उद्देश्य अगला ग्रीष्मकालीन ओलंपिक सामने रखते हुए इस प्रतियोगिता को कोरिया की स्थिति का आकलन करने का अवसर बनाना है। हालांकि, खबर में उपलब्ध जानकारी से यह पता नहीं चलता कि किन खेलों या प्रशिक्षण के किन तरीकों में किस तरह बदलाव किया जाएगा।
इस खबर का अर्थ
इस परिणाम का महत्व केवल इतना नहीं है कि कोरिया लक्ष्य से एक स्वर्ण पदक पीछे रह गया। तीसरे स्थान को बनाए रखना और जापान के साथ अंतर कम करना—ये दो अलग-अलग चुनौतियां हैं। चूंकि यह आकलन सामने आया है कि पारंपरिक रूप से मजबूत खेलों में खराब प्रदर्शन ने पदक की होड़ को प्रभावित किया, इसलिए अगले चरण में यह महत्वपूर्ण हो सकता है कि किसी खास खेल के प्रदर्शन का विश्लेषण कैसे किया जाए और उसे प्रशिक्षण तथा प्रदर्शन में सुधार से कैसे जोड़ा जाए।
प्रतिस्पर्धियों की संख्या बढ़ना भी मायने रखता है। यदि मध्य एशियाई और दक्षिण-पूर्व एशियाई टीमें आगे बढ़ती रहीं, तो पहले की तरह केवल चीन और जापान से तुलना करके कोरिया की स्थिति का आकलन करना मुश्किल हो सकता है। इसकी व्याख्या यह हो सकती है कि कोरिया जब अपने लक्ष्य दोबारा तय करे, तो उसे पदकों की संख्या और रैंकिंग के साथ-साथ प्रत्येक खेल में प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता और उभरती टीमों के प्रदर्शन पर भी गौर करना चाहिए।
उदाहरण के लिए, यदि किसी खेल में कोरियाई खिलाड़ियों का प्रदर्शन उम्मीद के अनुरूप न रहा हो, तो यह विश्लेषण किया जा सकता है कि परिणाम का संबंध प्रशिक्षण व्यवस्था से था या प्रतियोगिता की तैयारी से; साथ ही खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों की राय भी शामिल की जा सकती है। हालांकि, यह केवल एक संभावित तरीके का उदाहरण है और इसका मतलब यह नहीं है कि कोरिया खेल एवं ओलंपिक समिति ने वास्तव में ऐसी सुधार योजना तय कर ली है।
अध्यक्ष र्यू ने यह भी कहा कि पदक ही सब कुछ नहीं हैं। उन्होंने बास्केटबॉल, बेसबॉल और फुटबॉल जैसे टीम खेलों के नतीजों तथा आधुनिक पेंटाथलॉन, स्केटबोर्डिंग और टेकबॉल में मिली नई जीतों को सकारात्मक उपलब्धियां और संभावनाएं बताया। इसलिए इस प्रतियोगिता का मूल्यांकन करते समय स्वर्ण पदकों का लक्ष्य हासिल हुआ या नहीं, इसके साथ-साथ प्रत्येक खेल के प्रदर्शन और सामने आई नई संभावनाओं पर अलग से गौर करना जरूरी है।
प्रतियोगिता के संचालन से जुड़ी समस्याओं का भी कोरिया के लिए सबक के रूप में उल्लेख किया गया। जापान के साथ स्वर्ण पदक के फाइनल वाले दिन पुरुष बास्केटबॉल टीम को प्रशिक्षण स्थल तक ले जाने वाली शटल नहीं आई, जिसके कारण शूटिंग अभ्यास रद्द करना पड़ा। पुरुष फुटबॉल के ग्रुप चरण में कोरिया और कतर की टीमों को स्टेडियम के बजाय बेसबॉल मैदान की ओर भेज दिया गया। वे निर्धारित समय से करीब 30 मिनट देर से फुटबॉल मैदान पहुंचे। पुरुष फील्ड हॉकी मैच से पहले उत्तर कोरिया का राष्ट्रगान बजाया गया और पदक समारोह में कोरिया को ‘चीन गणराज्य’ के रूप में पेश किया गया।
कोरियाई दल के प्रमुख ली सांग-ह्योन ने कहा कि 2023 के एशियाई खेलों और 2024 के ओलंपिक के अनुभव के बावजूद वे नागोया में हुई घटनाओं की आशंका नहीं कर पाए थे। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को प्रतियोगिता के दौरान अप्रत्याशित परिस्थितियों से निपटने के लिए और अधिक प्रशिक्षण देने की जरूरत है। अध्यक्ष र्यू ने कहा कि इस प्रतियोगिता के संचालन को देखने का अनुभव चुंगचॉन्ग क्षेत्र में होने वाले अगले ग्रीष्मकालीन यूनिवर्सियाड की तैयारियों के लिए भी सबक बन सकता है। इसका अर्थ यह समझा जा सकता है कि पदक परिणामों से अलग, यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतियोगिता संचालन और संबंधित संस्थाओं की तैयारियों की समीक्षा करनी होगी कि खिलाड़ी अपने खेल पर ध्यान केंद्रित कर सकें।
पुष्ट तथ्य और अभी जो बातें ज्ञात नहीं हैं
पुष्ट तथ्य
- कोरिया ने 39 स्वर्ण पदकों के साथ कुल मिलाकर तीसरा स्थान हासिल किया और एशियाई खेलों में लगातार तीसरी बार तीसरे स्थान पर रहा।
- कोरिया खेल एवं ओलंपिक समिति ने प्रतियोगिता से पहले 40–50 स्वर्ण पदक जीतने और जापान के साथ अंतर कम करने का लक्ष्य रखा था।
- चीन ने 169 और जापान ने 83 स्वर्ण पदक जीते; जापान के 83 स्वर्ण पदक एशियाई खेलों में उसके देश का अब तक का सर्वाधिक रिकॉर्ड हैं।
- अध्यक्ष र्यू सेउंग-मिन ने तीरंदाजी और ताइक्वांडो में खराब प्रदर्शन तथा नए प्रतिस्पर्धी देशों की प्रगति का उल्लेख किया और कहा कि वे प्रशिक्षण व्यवस्था तथा खेल विज्ञान आदि का विश्लेषण करेंगे।
अभी जो बातें ज्ञात नहीं हैं
- विश्लेषण के नतीजों के आधार पर किन खेलों में कौन-से सुधार लागू किए जाएंगे, और उनका समय तथा ठोस योजना क्या होगी—यह नहीं बताया गया है।
- इस प्रतियोगिता में सामने आई सकारात्मक उपलब्धियां अगली प्रतियोगिता या ओलंपिक की तैयारियों में किस तरह शामिल होंगी, यह अभी ज्ञात नहीं है।
- प्रतियोगिता संचालन में सामने आई समस्याओं को अगले ग्रीष्मकालीन यूनिवर्सियाड की तैयारियों के दौरान किस प्रक्रिया से सुधारा जाएगा, यह भी खबर में दी गई जानकारी से स्पष्ट नहीं है।
पाठकों को किन बातों पर ध्यान देना चाहिए
- कोरिया खेल एवं ओलंपिक समिति की घोषित प्रदर्शन-विश्लेषण प्रक्रिया में प्रत्येक खेल के नतीजों, प्रशिक्षण व्यवस्था और खेल विज्ञान को किस तरह शामिल किया जाता है, इस पर ध्यान दिया जा सकता है।
- यह देखना जरूरी है कि खिलाड़ियों और प्रशिक्षकों की राय को आगे की प्रशिक्षण तथा प्रतियोगिता-तैयारी योजनाओं में शामिल किया जाता है या नहीं।
- अगले ग्रीष्मकालीन यूनिवर्सियाड की तैयारियों में खिलाड़ियों के परिवहन, स्टेडियम तक पहुंचने के निर्देश और प्रतियोगिता से पहले प्रशिक्षण की स्थितियों जैसी संचालन संबंधी समस्याओं की किस तरह समीक्षा की जाती है, इस पर भी नजर रखी जा सकती है।
संदर्भ
- संदर्भित अन्य रिपोर्ट: m.koreaherald.com
- संदर्भित अन्य रिपोर्ट: en.yna.co.kr




















