इस साल छुसोक की 5 दिन की छुट्टियों में 30,750,000 लोगों ने यात्रा की और यात्रा के साधनों में कारों की हिस्सेदारी 88.6% थी। एक्सप्रेसवे पर औसत दैनिक यातायात 6.09 मिलियन वाहन रहा, जो पिछले साल के 5.41 मिलियन से 12.6% अधिक था। घर लौटने के सफ़र में मोक्पो से सियोल तक आने में अधिकतम 10 घंटे 30 मिनट लगे। त्योहारों के दौरान लगने वाला जाम अस्थायी है, लेकिन परिवहन व्यवस्था में बड़ी संख्या में लोगों की कारों और सड़कों पर निर्भरता आम दिनों में भी बनी रहती है।
इसी स्थिति में जेचेओन–समचेओक एक्सप्रेसवे परियोजना आगे बढ़ रही है। इसके पहले चरण—जेचेओन–येओंगवोल खंड—का निर्माण इस साल जुलाई में शुरू हुआ। यह कुल 29.9 किमी लंबा, दोनों दिशाओं में चार-चार लेन वाला मार्ग होगा और इसे 2032 तक खोलने का लक्ष्य है। इसकी लागत 1.9975 ट्रिलियन वॉन है। दूसरे चरण—येओंगवोल–समचेओक खंड—की लंबाई 70.3 किमी और कुल लागत 5.6167 ट्रिलियन वॉन है। इसने जनवरी 2025 में प्रारंभिक व्यवहार्यता अध्ययन पास किया।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
इस परियोजना पर बहस का मुद्दा सिर्फ़ यह नहीं है कि नया एक्सप्रेसवे बनेगा। जेचेओन से येओंगवोल, जियोंगसॉन, तेबे़क और समचेओक तक पहले से ही दोनों दिशाओं में चार-चार लेन वाला राष्ट्रीय राजमार्ग नंबर 38 है और लेख के अनुसार, साल के अधिकांश समय वहाँ लगभग कोई जाम नहीं होता। दूसरी ओर, येओंगवोल–समचेओक एक्सप्रेसवे का लागत-लाभ अनुपात (Benefit-Cost Ratio—परियोजना की लागत और उसके आर्थिक लाभों की तुलना करने वाला सूचकांक) 0.27 था। बताया गया है कि आर्थिक व्यवहार्यता के मानदंड पर खरा न उतरने के बावजूद, क्षेत्रीय संतुलित विकास और नीतिगत ज़रूरत जैसे पहलुओं को ध्यान में रखकर इसने प्रारंभिक व्यवहार्यता अध्ययन पास किया।
यह आँकड़ा दिखाता है कि परियोजना की ज़रूरत सिर्फ़ आर्थिक लाभों के आधार पर तय नहीं हुई। फिर भी, परियोजना के असर का आकलन करने के लिए मौजूदा राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात, नए एक्सप्रेसवे के भविष्य के उपयोग और क्षेत्रीय संपर्क जैसे पहलुओं को साथ में देखना होगा। उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह पता नहीं चलता कि नई सड़क से यात्रा का समय वास्तव में कितना कम होगा या यातायात की मात्रा कितनी बदलेगी।
सड़कों पर केंद्रित निवेश हाल में शुरू नहीं हुआ है। लेख के अनुसार, 1985 से 2026 के बीच केंद्र सरकार के निवेश में लंबे समय तक सड़कों पर होने वाला खर्च रेल निवेश से अधिक रहा और एक्सप्रेसवे नेटवर्क लगभग 800 किमी बढ़ा। इस साल जुलाई तक देश में पंजीकृत कारों की संख्या लगभग 22,235,000 थी—यानी प्रति 100 लोगों पर 43.5 कारें। 2018 की अंतरराष्ट्रीय तुलना में, कोरिया के लिए भूमि-क्षेत्र सूचकांक के आधार पर रेल की लंबाई 0.06 बताई गई थी। कुल सड़क नेटवर्क में एक्सप्रेसवे की हिस्सेदारी 4.01% थी, जो तुलना में शामिल देशों में सबसे अधिक थी।
इन नतीजों को सिर्फ़ सड़क निवेश की वजह से नहीं समझाया जा सकता, लेकिन सड़क नेटवर्क के विस्तार के दौरान कारों का यात्रा का प्रमुख साधन बन जाना नीतियों की दिशा पर फिर से सोचने की वजह देता है। दूसरी राष्ट्रीय सड़क नेटवर्क व्यापक योजना (제2차 국가도로망종합계획) में 2040 तक 945 किमी एक्सप्रेसवे अतिरिक्त रूप से बनाने और विस्तार करने की योजना है। वहीं, कार्बन तटस्थता की बुनियादी योजना (탄소중립 기본계획) में 2030 तक आंतरिक दहन इंजन वाले वाहनों की कुल दूरी को 2018 के मुकाबले 4.5% कम करने का लक्ष्य है। यानी एक ओर सड़कें बढ़ाने की योजना है, तो दूसरी ओर कारों से तय की जाने वाली दूरी घटाने का लक्ष्य।
इस ख़बर का मतलब
यातायात जाम और ग्रीनहाउस गैसों में कटौती को साथ रखकर देखें, तो सवाल सिर्फ़ यह नहीं है कि ‘क्या और सड़कें बनाई जाएँ?’ यह भी अहम है कि क्या कारों के अलावा रेल, बस और साइकिल का इस्तेमाल करने के लिए पर्याप्त सुविधाएँ हैं। परिवहन क्षेत्र से ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन 2018 के 96.2 मिलियन टन से घटकर 2024 में 94.6 मिलियन टन रह गया, लेकिन 2030 के 61 मिलियन टन के लक्ष्य तक पहुँचने के लिए 33.6 मिलियन टन की और कटौती करनी होगी। कटौती के लक्ष्य और मौजूदा आँकड़े के बीच बड़ा अंतर होने के कारण, शून्य-उत्सर्जन वाहनों को बढ़ावा देने के साथ-साथ यात्रा के साधनों और तरीकों में बदलाव पर भी विचार करना होगा।
बजट का बँटवारा भी इस चुनौती का एक पहलू दिखाता है। 2025 में सार्वजनिक परिवहन, परिवहन साधन बदलने और पर्यावरण-अनुकूल माल ढुलाई की 4 योजनाओं पर 176.766 अरब वॉन खर्च हुए—जो शून्य-उत्सर्जन वाहनों को बढ़ावा देने और चार्जिंग ढाँचे के लिए रखे गए 2.123418 ट्रिलियन वॉन बजट का लगभग 12वाँ हिस्सा था। 2026 में सार्वजनिक परिवहन, BRT, परिवहन साधन बदलने और पर्यावरण-अनुकूल माल ढुलाई आदि का बजट बढ़कर 940.382 अरब वॉन हो गया, लेकिन शून्य-उत्सर्जन वाहनों को बढ़ावा देने और चार्जिंग ढाँचे का बजट भी 3.305451 ट्रिलियन वॉन था। शून्य-उत्सर्जन वाहनों की ओर बदलाव ज़रूरी है, लेकिन सिर्फ़ कारों के ऊर्जा स्रोत को बदलने से यह ढाँचा नहीं बदलता कि यात्रा की माँग सड़कों पर केंद्रित है।
यह भी अहम है कि साइकिल और सार्वजनिक परिवहन का वास्तविक यात्रा के साधन के रूप में इस्तेमाल किया जा सके। सियोल की सार्वजनिक साइकिल सेवा ‘ततंगई’ (따릉이) के इस्तेमाल की संख्या 2024 में लगभग 43.85 मिलियन रही—जो 10 साल पहले के 113,000 से लगभग 400 गुना थी। यह इसका उदाहरण है कि साइकिलों का रोज़मर्रा के आवागमन में इस्तेमाल हो सकता है। हालांकि, लेख में यह भी बताया गया है कि साइकिल का इस्तेमाल बढ़ाने के लिए सुरक्षित सड़कें, पार्किंग की सुविधाएँ और बसों तथा रेल से संपर्क ज़रूरी हैं। अलग-अलग क्षेत्रों में सार्वजनिक परिवहन की स्थितियाँ अलग हैं, इसलिए विकल्प बढ़ाने वाली नीतियों में मार्गों और सेवा-संचालन की स्थितियों पर भी ध्यान देना होगा।
उदाहरण के लिए, कोई व्यक्ति कार की जगह रेल या बस से यात्रा करना चाहे, लेकिन अगर स्टेशन या बस-स्टॉप तक पहुँचने का कोई साधन न हो या आगे की कनेक्टिंग सेवा सुविधाजनक न हो, तो बदलाव मुश्किल हो सकता है। यह किसी खास क्षेत्र की वास्तविक स्थिति के बारे में निष्कर्ष नहीं है; इसका मतलब यह है कि परिवहन के साधनों के बीच संपर्क से उपलब्ध विकल्पों का दायरा तय हो सकता है। नई सड़क के असर का आकलन करते समय यह भी देखना ज़रूरी है कि सिर्फ़ यात्रा का समय ही नहीं, बल्कि लोगों के लिए दूसरे साधन चुनने की परिस्थितियाँ भी बेहतर होती हैं या नहीं।
उपलब्ध जानकारी के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि सड़क विस्तार से यातायात जाम कितना कम होगा या यात्रा की माँग को दूसरे साधनों की ओर मोड़ने से ग्रीनहाउस गैसों में कितनी कमी आएगी।
पुष्ट तथ्य और वे बातें जो अभी अज्ञात हैं
पुष्ट तथ्य
- छुसोक की 5 दिन की छुट्टियों में कुल 30,750,000 लोगों ने यात्रा की और कारों की हिस्सेदारी 88.6% थी।
- जेचेओन–येओंगवोल एक्सप्रेसवे 29.9 किमी लंबा, दोनों दिशाओं में चार-चार लेन वाला मार्ग होगा। इसका निर्माण जारी है और इसे 2032 तक खोलने का लक्ष्य है।
- बताया गया है कि येओंगवोल–समचेओक खंड का लागत-लाभ अनुपात 0.27 था और क्षेत्रीय संतुलित विकास तथा नीतिगत ज़रूरत जैसे पहलुओं को ध्यान में रखकर इसने प्रारंभिक व्यवहार्यता अध्ययन पास किया।
- परिवहन क्षेत्र से ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन 2018 के 96.2 मिलियन टन से घटकर 2024 में 94.6 मिलियन टन रह गया और 2030 के लक्ष्य तक पहुँचने के लिए 33.6 मिलियन टन की और कटौती करनी होगी।
वे बातें जो अभी अज्ञात हैं
- जेचेओन–समचेओक एक्सप्रेसवे खुलने के बाद यातायात की मात्रा और यात्रा के समय में कितना बदलाव आएगा, इसकी जानकारी नहीं दी गई है।
- येओंगवोल–समचेओक खंड का भविष्य में कितना इस्तेमाल होगा और उससे कितना आर्थिक लाभ होगा, यह ज्ञात नहीं है।
- अगर यात्रा की माँग को रेल, बस और साइकिल की ओर मोड़ा जाए, तो परिवहन क्षेत्र से ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन में कितनी कमी आएगी, इसका मात्रात्मक आकलन नहीं किया गया है।
पाठक क्या जाँच सकते हैं
- सड़क परियोजना पर विचार करते समय लागत और उसे खोलने के लक्ष्य के साथ-साथ यह भी देखा जा सकता है कि मौजूदा सड़क पर यातायात की स्थिति, अनुमानित उपयोग और यात्रा के समय में वास्तविक बदलाव की जानकारी दी गई है या नहीं।
- सार्वजनिक परिवहन या साइकिल से यात्रा की योजना बनाते समय, प्रस्थान स्थल और गंतव्य के बीच सेवा उपलब्ध है या नहीं, बदलकर यात्रा करने की सुविधा कैसी है और साइकिल सुरक्षित रूप से चलाने के लिए कैसी परिस्थितियाँ हैं—इन सब पर ध्यान दिया जा सकता है।
- परिवहन नीतियों का आकलन करते समय सड़क निर्माण के पैमाने के साथ यह भी तुलना की जा सकती है कि सार्वजनिक परिवहन, परिवहन साधन बदलने और पर्यावरण-अनुकूल माल ढुलाई के लिए कितना बजट रखा गया है और आंतरिक दहन इंजन वाले वाहनों की कुल दूरी घटाने के लक्ष्य पर किस तरह ध्यान दिया जा रहा है।




















