अमेरिका में 2026 की शुरुआत से अब तक खसरे के 3,887 मरीज सामने आए हैं। 1991 के बाद किसी एक साल में मरीजों की यह सबसे बड़ी संख्या है और 2025 के पूरे साल की संख्या से करीब 70% अधिक है। मरीजों की संख्या लगातार बढ़ने पर न्यूयॉर्क राज्य ने आपातकाल घोषित कर दिया, और पैन अमेरिकन हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (पीएएचओ) नवंबर में समीक्षा करेगा कि क्या अमेरिका ने खसरा उन्मूलन का वह दर्जा खो दिया है जिसे उसने 2000 से बरकरार रखा था।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
मरीजों की संख्या के उलट, मौतों की संख्या गिनने के मानदंड ही विवाद का विषय हैं। पेनसिल्वेनिया राज्य ने अगस्त के अंत से खसरे से संबंधित 5 मौतों की सूचना दी है और राज्य में खसरे के मरीजों की संख्या 1,004 तक पहुंच गई। दूसरी ओर, अमेरिकी रोग नियंत्रण एवं रोकथाम केंद्र (सीडीसी) ने 2026 में देशभर में खसरे से 2 मौतें गिनीं, लेकिन यह नहीं बताया कि मौतें किन राज्यों में हुईं।
यह पुष्टि नहीं हुई है कि दोनों संख्याएं एक-दूसरे से किस तरह जुड़ी हैं। लेख के मुताबिक, इस साल खसरे से हुई मौतों की सूचना देने वाला कोई दूसरा राज्य नहीं है, लेकिन यह स्पष्ट नहीं है कि सीडीसी की 2 मौतों में पेनसिल्वेनिया राज्य की बताई गई मौतें शामिल हैं या नहीं। इसलिए राज्य के 5 मामलों और संघीय सरकार के 2 मामलों को सीधे जोड़ना या यह मानना सही नहीं होगा कि एक पक्ष की गिनती में दूसरे पक्ष के सभी मामले शामिल हैं।
यह अंतर खसरे को मौत से जोड़ने के मानदंडों के कारण है। पेनसिल्वेनिया राज्य किसी व्यक्ति की मौत को खसरे से संबंधित मानता है, अगर जांच में खसरे का संक्रमण पुष्ट हुआ हो, व्यक्ति की मौत लक्षण उभरने के 30 दिनों के भीतर हुई हो और मौत का कोई दूसरा स्पष्ट कारण—जैसे यातायात दुर्घटना—न हो। सीडीसी अपने अधीन राष्ट्रीय स्वास्थ्य सांख्यिकी केंद्र द्वारा खसरे को मौत का मूल कारण ठहराए जाने के बाद ही मौतों की गिनती करता है। लेख लिखे जाने के समय खसरे से मौत की कोई राष्ट्रीय स्तर पर सहमत परिभाषा नहीं थी; बताया गया कि सीडीसी मानदंड तैयार कर रहा है।
पेनसिल्वेनिया के मामले बताते हैं कि फैसला करना मुश्किल क्यों है। लैंकेस्टर काउंटी के कोरोनर ने निष्कर्ष निकाला कि खसरे की जांच में पॉजिटिव आए एक नवजात की मौत तिल्ली में चोट के कारण हुई और खसरे ने उसकी मौत में योगदान नहीं दिया। उसी कोरोनर ने एक अन्य शिशु की मौत का कारण खसरा माना, जिसे एक दुर्लभ और आम तौर पर जानलेवा आनुवंशिक बीमारी थी। मिफ्लिन काउंटी के कोरोनर ने 18 वर्षीय किशोर की मौत को खसरे की एक दुर्लभ और गंभीर तंत्रिका संबंधी जटिलता—एक्यूट डिसेमिनेटेड एन्सेफेलोमायलाइटिस—के कारण हुआ माना।
गिनती करने का तरीका वास्तव में बदल भी चुका है। सीडीसी ने पहले पेनसिल्वेनिया की पहली दो मौतों को अपनी गिनती में शामिल किया था, लेकिन स्वास्थ्य एवं मानव सेवा मंत्री रॉबर्ट एफ. कैनेडी जूनियर ने खसरे के मौत का कारण होने पर सवाल उठाए, जिसके बाद सीडीसी ने उन मौतों को गिनती से हटा दिया। इससे पता चलता है कि मामला सिर्फ मौत के कारण का फैसला करने के पेशेवर मानदंडों में अंतर का नहीं है; यह भी विवाद का विषय है कि उस फैसले को सार्वजनिक रूप से किस तरह स्वीकार किया जाता है।
इस खबर का मतलब
मौतों की संख्या प्रकोप की गंभीरता बताने वाले संकेतक के रूप में इस्तेमाल हो सकती है। लेकिन अगर राज्य और संघीय सरकार के मानदंडों के आधार पर एक ही मामले को अलग-अलग तरह से वर्गीकृत किया जाए, तो लोगों के लिए यह समझना मुश्किल हो सकता है कि खसरे का खतरा कितना है। गिनती में मौतों की संख्या ज्यादा होने पर टीकाकरण की जरूरत पर जोर देने का आधार मिल सकता है, जबकि कम संख्या से यह आभास हो सकता है कि खतरे को बढ़ा-चढ़ाकर बताया जा रहा है। इसलिए गिनती में एकरूपता महत्वपूर्ण है।
यह भ्रम खास तौर पर कम टीकाकरण वाले इलाकों में कार्रवाई को प्रभावित कर सकता है। खसरे का फैलाव रोकने के लिए स्थानीय आबादी के 95% से अधिक लोगों का टीकाकरण होना चाहिए। लेकिन पिछले शैक्षणिक वर्ष में लैंकेस्टर काउंटी के विद्यार्थियों में खसरे के टीके की दर 88% थी, जो पेनसिल्वेनिया राज्य के कुल 97% से कम थी। राज्य का औसत देखने भर से अलग-अलग इलाकों के बीच का अंतर छिप सकता है। इसलिए सटीक और एकरूप आंकड़े रोकथाम संबंधी जानकारी देने और जरूरत वाली जगहों पर कर्मचारियों तथा टीकों को पहुंचाने के लिए महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
मिसाल के तौर पर, कम टीकाकरण वाले इलाके में रहने वाला परिवार सिर्फ राज्य के औसत पर निर्भर रहने के बजाय अपने इलाके की टीकाकरण दर और खसरे की ताजा स्थिति भी देख सकता है। खासकर इसलिए कि खसरे का टीका आम तौर पर 12 से 15 महीने की उम्र में लगाया जाता है; इससे छोटे शिशुओं के लिए टीका लगवाने का समय अभी नहीं आया होता, इसलिए उनके लिए स्थानीय टीकाकरण दर और प्रकोप की जानकारी और भी महत्वपूर्ण हो सकती है। इसका मतलब यह नहीं है कि किसी खास शिशु या परिवार के जोखिम के बारे में पक्का निष्कर्ष निकाला जा रहा है; आशय यह है कि कम टीकाकरण वाले इलाकों में जानकारी की कमी कमजोर लोगों को ज्यादा प्रभावित कर सकती है।
फिलहाल उपलब्ध आंकड़ों से यह पता नहीं चलता कि सीडीसी की राष्ट्रीय गिनती में शामिल 2 मौतों और पेनसिल्वेनिया राज्य की बताई गई 5 मौतों में कितना मेल है। अलग-अलग मानदंडों से निकली संख्याओं को मौतों की एक निश्चित संख्या मानकर पेश न करना महत्वपूर्ण है।
पुष्ट तथ्य और वे बातें जो अभी स्पष्ट नहीं हैं
पुष्ट तथ्य
- अमेरिका में 2026 में खसरे के 3,887 मरीज सामने आए। यह 1991 के बाद किसी एक साल की सबसे बड़ी संख्या है और 2025 के पूरे साल की संख्या से करीब 70% अधिक है।
- पेनसिल्वेनिया राज्य ने खसरे से संबंधित 5 मौतों और राज्य में 1,004 मरीजों की सूचना दी। सीडीसी ने देशभर में 2 मौतें गिनीं।
- पेनसिल्वेनिया राज्य और सीडीसी खसरे से हुई मौत तय करने के लिए अलग-अलग मानदंड अपनाते हैं; लेख लिखे जाने के समय कोई राष्ट्रीय साझा मानदंड नहीं था।
- पिछले शैक्षणिक वर्ष में लैंकेस्टर काउंटी के विद्यार्थियों में टीकाकरण दर 88% और पेनसिल्वेनिया राज्य में कुल दर 97% थी। खसरे का फैलाव रोकने के लिए स्थानीय आबादी के 95% से अधिक लोगों का टीकाकरण होना चाहिए।
वे बातें जो अभी स्पष्ट नहीं हैं
- क्या सीडीसी की 2026 में खसरे से हुई 2 मौतों की गिनती में पेनसिल्वेनिया राज्य की बताई गई मौतें शामिल हैं?
- सीडीसी खसरे से हुई मौतें तय करने के लिए राष्ट्रीय साझा मानदंड कब अंतिम रूप देगा?
- पीएएचओ नवंबर की समीक्षा में अमेरिका के खसरा उन्मूलन के दर्जे के बारे में क्या फैसला करेगा?
पाठक क्या जांच सकते हैं
- खसरे के प्रकोप की स्थिति देखते समय देशभर में मरीजों और मौतों की संख्या के साथ अपने इलाके में मरीजों की संख्या और टीकाकरण दर भी देखी जा सकती है। किसी इलाके का औसत राज्य के औसत से अलग हो सकता है।
- मौतों के आंकड़ों की तुलना करते समय सिर्फ संख्या नहीं, बल्कि ‘खसरे से संबंधित मौत’ तय करने के मानदंड और गिनती करने वाली संस्था पर भी ध्यान देना चाहिए। खबरों में दिए गए राज्य और संघीय सरकार के आंकड़े एक ही मानदंड से नहीं निकाले गए हैं।
- बच्चे के टीकाकरण की स्थिति या टीका लगवाने का समय जानने के लिए उसका टीकाकरण रिकॉर्ड देखा जा सकता है। खसरे का टीका आम तौर पर 12 से 15 महीने की उम्र में लगाया जाता है।




















