खाद्य एवं औषधि सुरक्षा मंत्रालय (식품의약품안전처) और कोरिया औषधि सुरक्षा एवं जोखिम प्रबंधन संस्थान (한국의약품안전관리원) के आंकड़ों के अनुसार, इस साल की पहली छमाही में मेथिलफेनिडेट की 5 करोड़ 80 लाख 5 हजार गोलियाँ लिखी गईं। यह संख्या एक साल पहले की इसी अवधि से 12.1% अधिक थी। 2024 की पहली छमाही में लिखी गई 4 करोड़ 21 लाख 3 हजार गोलियों की तुलना में यह 37.8% की बढ़ोतरी थी।
मेथिलफेनिडेट ध्यान-अभाव अतिसक्रियता विकार (एडीएचडी) के इलाज की दवा है। खबर के अनुसार, कोरिया के विद्यार्थियों के बीच इसे आम तौर पर ‘पढ़ाई की दवा’ के नाम से भी जाना जाता है। हालांकि, कोरिया में यह ऐसी नियंत्रित चिकित्सा मादक दवा है जिसे केवल डॉक्टर के नुस्खे पर खरीदा जा सकता है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
ये आंकड़े लिखी गई दवा की गोलियों की संख्या बताते हैं। ये मरीजों की संख्या या नुस्खा पाने वाले लोगों में बदलाव को सीधे नहीं दर्शाते। इसलिए केवल नुस्खों की संख्या में बढ़ोतरी के आधार पर यह नहीं कहा जा सकता कि एडीएचडी के मरीजों की संख्या भी उसी अनुपात में बढ़ी है।
उम्र के हिसाब से देखें तो इस साल की पहली छमाही में 19 वर्ष या उससे कम उम्र के लोगों के लिए 2 करोड़ 88 लाख 1 हजार गोलियाँ लिखी गईं, जो कुल संख्या का लगभग आधा थीं। इस आयु वर्ग के लिए लिखी गई गोलियों में पुरुषों के लिए 2 करोड़ 9 लाख और महिलाओं के लिए 79 लाख 1 हजार गोलियाँ थीं। ये आंकड़े आयु वर्ग के अनुसार नुस्खों का वितरण दिखाते हैं, लेकिन हर व्यक्ति की खुराक या नुस्खा दिए जाने का कारण नहीं बताते।
इस खबर का मतलब
नुस्खों की संख्या में बढ़ोतरी और 19 वर्ष या उससे कम उम्र के लोगों का बड़ा हिस्सा किशोरों में एडीएचडी की दवा के इस्तेमाल और नुस्खों के प्रबंधन पर ध्यान देने की वजह है। लेकिन नुस्खों की संख्या अपने आप में यह नहीं बताती कि दवा का इस्तेमाल इलाज के लिए हुआ या उसका दुरुपयोग किया गया। इन आंकड़ों से यह तय करना मुश्किल है कि नुस्खों में बढ़ोतरी मरीजों की संख्या में बदलाव, नुस्खे की अवधि या खुराक में बदलाव—इनमें से किससे जुड़ी है।
उदाहरण के लिए, अगर किसी परिवार को 19 वर्ष या उससे कम उम्र के बच्चे के लिए दवा के नुस्खों की बढ़ती संख्या की चिंता है, तो सिर्फ इन आंकड़ों के आधार पर यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि बच्चे का नुस्खा उचित है या दवा का दुरुपयोग हो रहा है। दवा के वास्तविक इस्तेमाल या नुस्खे को लेकर चिंता हो तो बच्चे के इलाज की स्थिति से परिचित स्वास्थ्यकर्मी से बात करनी चाहिए।
पुष्ट तथ्य और वे बातें जिनका अभी पता नहीं
पुष्ट तथ्य
- इस साल की पहली छमाही में मेथिलफेनिडेट की 5 करोड़ 80 लाख 5 हजार गोलियाँ लिखी गईं।
- नुस्खों की संख्या एक साल पहले की इसी अवधि से 12.1% और 2024 की पहली छमाही से 37.8% बढ़ी।
- 19 वर्ष या उससे कम उम्र के लोगों के लिए 2 करोड़ 88 लाख 1 हजार गोलियाँ लिखी गईं, जो कुल का लगभग आधा थीं।
- 19 वर्ष या उससे कम उम्र के लोगों के लिए लिखी गई गोलियों में पुरुषों के लिए 2 करोड़ 9 लाख और महिलाओं के लिए 79 लाख 1 हजार गोलियाँ थीं।
- कोरिया में मेथिलफेनिडेट ऐसी नियंत्रित चिकित्सा मादक दवा है जिसके लिए डॉक्टर का नुस्खा जरूरी है।
वे बातें जिनका अभी पता नहीं
- इस साल की पहली छमाही में नुस्खों की संख्या बढ़ने का कारण क्या है?
- कुल नुस्खों में से कितनी दवा एडीएचडी के इलाज के अलावा किसी अन्य उद्देश्य से इस्तेमाल हुई या उसका दुरुपयोग हुआ?
- खबर में ‘इस साल’ से ठीक किस वर्ष का मतलब है?
पाठकों को किन बातों की जांच करनी चाहिए
- यह जांचना चाहिए कि आंकड़ों में ‘इस साल’ किस वर्ष को दर्शाता है। खबर में उस वर्ष का स्पष्ट उल्लेख नहीं है।
- नुस्खों की संख्या गोलियों के आधार पर है, इसलिए इसे मरीजों की संख्या या किसी व्यक्ति की खुराक समझने की भूल नहीं करनी चाहिए।
- अगर आपको या आपके परिवार के किसी सदस्य को दवा के इस्तेमाल या नुस्खे को लेकर चिंता है, तो केवल देशभर के नुस्खों की संख्या के आधार पर निष्कर्ष निकालने के बजाय, इलाज की व्यक्तिगत स्थिति के बारे में नुस्खा लिखने वाले स्वास्थ्यकर्मी से बात करना उचित है।




















