लंदन में इस सप्ताह आयोजित एक ऊर्जा फ़ोरम में उद्योग जगत के अधिकारियों ने कहा कि वैश्विक बाज़ार में उपलब्ध तेल भंडार घट रहा है। सऊदी अरामको के CEO अमीन नासिर ने कहा कि वाणिज्यिक भंडार 6 अरब बैरल से कम है और उसका अधिकांश हिस्सा वास्तव में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि भंडार घटने से बाज़ार की बफर क्षमता कमजोर हो रही है और तेल की कीमतों पर बढ़ोतरी का दबाव बन रहा है।
इस वर्ष मध्य पूर्व और यूक्रेन युद्धों के कारण अभूतपूर्व आपूर्ति बाधाएँ जारी रहने के बाद, सरकारों और ऊर्जा कंपनियों ने बाज़ार पर दबाव कम करने के लिए अपने रणनीतिक भंडार से तेल जारी किया है। नासिर के अनुसार, इस वर्ष मध्य पूर्व संकट शुरू होने के बाद से मुख्य रूप से ज़मीनी वाणिज्यिक भंडार से 1 अरब बैरल से अधिक तेल जारी किया जा चुका है। उन्होंने कहा कि भंडार से तेल जारी करना, उस समय बचा हुआ आख़िरी बड़ा उपाय था।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
वाणिज्यिक भंडार से आशय कंपनियों के पास मौजूद तेल के भंडार से है। हालांकि, भंडार मौजूद होने और उस तेल को वास्तव में बाज़ार में उपलब्ध करा पाने में फ़र्क है। नासिर ने कहा कि बचे हुए वाणिज्यिक भंडार का अधिकांश हिस्सा वास्तव में इस्तेमाल के लिए उपलब्ध नहीं है, लेकिन इस लेख में इसके कारण या इस्तेमाल के लिए उपलब्ध सटीक मात्रा नहीं बताई गई।
ऐसी स्थिति में भंडार के लिए आपूर्ति बाधाओं को सोखने वाले बफर की भूमिका निभाना मुश्किल हो सकता है। अगर आपूर्ति घटने पर भंडार से अतिरिक्त तेल जारी करने की गुंजाइश कम हो, तो बाज़ार झटकों के प्रति अधिक संवेदनशील हो सकता है और कीमतों में बढ़ोतरी का दबाव भी बढ़ सकता है। इस बयान का मुख्य आशय यही है। इसका मतलब यह नहीं है कि कीमतें निश्चित रूप से बढ़ेंगी, बल्कि यह कि आपूर्ति बाधाएँ जारी रहने पर बाज़ार को स्थिर करने की क्षमता कम हो सकती है।
इस ख़बर का मतलब
तेल ख़रीदने या इस्तेमाल करने वाली कंपनियों और उपभोक्ताओं के लिए आपूर्ति बाधाओं और भंडार के स्तर में बदलाव महत्वपूर्ण हो सकते हैं। ऐसा इसलिए है कि भंडार घटा हुआ हो और आपूर्ति बाधाएँ जारी रहें, तो बाज़ार के पास झटकों को सोखने की गुंजाइश कम होगी और तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का दबाव बढ़ सकता है। हालांकि, लेख में वास्तविक कीमतों में बदलाव या उपभोक्ताओं की लागत के पैमाने का उल्लेख नहीं है।
मिसाल के तौर पर, अगर आपूर्ति में कोई अतिरिक्त बाधा आती है, तो भंडार से और तेल जारी करके उसके असर को कम करने की गुंजाइश सीमित हो सकती है। यह एक संभावित स्थिति का वर्णन है; लेख में न तो किसी अतिरिक्त बाधा की पुष्टि की गई है, न ही कीमतों में बदलाव की।
अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) बाज़ार पर दबाव कम करने के लिए कच्चे तेल और डीज़ल के 10 करोड़ बैरल जारी करने की तैयारी कर रही है। रणनीतिक भंडार से तेल जारी करना बाज़ार की आपूर्ति बढ़ाने का एक उपाय है, लेकिन सिर्फ़ इस लेख के आधार पर यह पता नहीं चलता कि तेल जारी करना कब शुरू होगा या वास्तव में कितनी मात्रा जारी की जाएगी। इसलिए, केवल तैयारी की ख़बर से यह नहीं माना जा सकता कि बाज़ार में आपूर्ति पहले ही बढ़ गई है।
पुष्ट तथ्य और जो अभी पता नहीं है
पुष्ट तथ्य
- लंदन फ़ोरम में उद्योग जगत के अधिकारियों ने कहा कि वैश्विक बाज़ार में उपलब्ध तेल भंडार घट रहा है।
- नासिर ने कहा कि वाणिज्यिक भंडार 6 अरब बैरल से कम है और उसका अधिकांश हिस्सा वास्तव में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता।
- नासिर के अनुसार, इस वर्ष मध्य पूर्व संकट शुरू होने के बाद से मुख्य रूप से ज़मीनी वाणिज्यिक भंडार से 1 अरब बैरल से अधिक तेल जारी किया जा चुका है।
- अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) कच्चे तेल और डीज़ल के 10 करोड़ बैरल जारी करने की तैयारी कर रही है।
जो अभी पता नहीं है
- IEA भंडार से तेल कब जारी करना शुरू करेगी, और वास्तव में कितनी मात्रा जारी की जाएगी?
- 6 अरब बैरल से कम वाणिज्यिक भंडार में से वास्तव में इस्तेमाल के लिए उपलब्ध मात्रा कितनी है?
- आपूर्ति बाधाओं और भंडार में कमी का आगे चलकर तेल की कीमतों पर कितना असर पड़ेगा?
पाठकों को किन बातों पर नज़र रखनी चाहिए
- यह देखा जा सकता है कि IEA द्वारा कच्चे तेल और डीज़ल को जारी करने की तैयारी वास्तव में तेल जारी करने तक पहुँचती है या नहीं, और इसकी शुरुआत का समय तथा मात्रा पुष्ट होती है या नहीं।
- यह भी देखना ज़रूरी है कि वाणिज्यिक भंडार की कुल मात्रा के साथ-साथ वास्तव में इस्तेमाल के लिए उपलब्ध मात्रा के बारे में अतिरिक्त जानकारी सामने आती है या नहीं।
- इस पर भी नज़र रखनी चाहिए कि आपूर्ति बाधाएँ जारी हैं या नहीं और भंडार से तेल जारी करने से बाज़ार का दबाव कम हो रहा है या नहीं। केवल भंडार में कमी के आधार पर तेल की कीमतों में वास्तविक उतार-चढ़ाव का निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता।




















