दक्षिण कोरिया ने 2026 आइची-नागोया एशियाई खेलों में 39 स्वर्ण पदकों के साथ कुल मिलाकर तीसरा स्थान हासिल किया। लगातार तीसरी बार उसका स्थान यही रहा, लेकिन वह खेलों से पहले कोरियाई खेल एवं ओलंपिक समिति (한국스포츠·올림픽위원회; KSOC) द्वारा तय किए गए स्वर्ण पदकों के लक्ष्य तक नहीं पहुँच सका। मूल रिपोर्ट के अनुसार, लक्ष्य लगभग 40–50 स्वर्ण पदकों का था। चीन 169 स्वर्ण पदकों के साथ पहले स्थान पर रहा, जबकि मेज़बान जापान 83 स्वर्ण पदकों के साथ दूसरे स्थान पर रहा—एशियाई खेलों के इतिहास में उसका यह सर्वाधिक आँकड़ा है।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
KSOC के अध्यक्ष र्यु सेउंग-मिन ने माना कि कुछ खेलों में नतीजे उम्मीद से कम रहे। उन्होंने कहा कि इन खेलों को खिलाड़ियों के प्रदर्शन और तैयारियों की प्रक्रिया की समीक्षा करने के अवसर के रूप में लिया जाएगा। KSOC परिणामों का विस्तृत विश्लेषण करेगा और प्रशिक्षण प्रणाली तथा खेल विज्ञान सहित खिलाड़ियों के प्रदर्शन को प्रभावित करने वाले कारकों की पड़ताल करेगा। उन्होंने कहा कि चीन और जापान के अलावा मध्य एशिया और दक्षिण-पूर्व एशिया की टीमें भी तेज़ी से आगे बढ़ रही हैं।
यह भी कहा गया कि तीरंदाज़ी और ताइक्वांडो में खराब प्रदर्शन ने पदक की दौड़ को प्रभावित किया—इन खेलों से परंपरागत रूप से पदकों की उम्मीद की जाती रही है। दूसरी ओर, अध्यक्ष र्यु ने बास्केटबॉल, बेसबॉल और फुटबॉल जैसी टीम स्पर्धाओं की उपलब्धियों का उल्लेख किया। उन्होंने आधुनिक पेंटाथलॉन और स्केटबोर्डिंग में, साथ ही एशियाई खेलों में नई स्पर्धा टेकबॉल में नए चैंपियन बनने को भी सकारात्मक उपलब्धि बताया। आशय यह था कि केवल पदकों की संख्या से खेलों की तैयारियों की सफलता और उनके महत्व का पूरा आकलन करना मुश्किल है।
इन खेलों से मिली चुनौतियाँ केवल खिलाड़ियों के प्रदर्शन तक सीमित नहीं हैं। जापान के खिलाफ फाइनल से एक दिन पहले सुबह दक्षिण कोरिया की पुरुष बास्केटबॉल टीम को प्रशिक्षण स्थल ले जाने वाली शटल बस नहीं पहुँची, जिसके कारण उसे शूटिंग अभ्यास रद्द करना पड़ा। दक्षिण कोरिया और क़तर की पुरुष फुटबॉल टीमों को ग्रुप चरण के अपने पहले मैच से पहले फुटबॉल मैदान के बजाय बेसबॉल मैदान की ओर भेज दिया गया। वे तय समय से लगभग 30 मिनट देर से फुटबॉल मैदान पहुँचे।
इसके अलावा, पुरुष फील्ड हॉकी मैच से पहले उत्तर कोरिया का राष्ट्रगान बजाया गया और पदक समारोह में दक्षिण कोरिया को ‘चीन गणराज्य’ कहकर पेश किए जाने की घटना की भी रिपोर्ट आई। 24 सितंबर को अध्यक्ष र्यु ने आयोजन संचालन की समस्याओं के कारण आयोजन समिति को असफल अंक दिए थे। लेकिन इस संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने आगे कोई टिप्पणी नहीं की और कहा कि खेल अब समाप्ति की ओर हैं, इसलिए इस बारे में और कुछ कहने की वजह नहीं है।
इस खबर का अर्थ
खेलों के नतीजे और आयोजन का संचालन अलग-अलग मुद्दे हैं, लेकिन खिलाड़ियों के लिए प्रतियोगिता के दौरान वे मिलकर खेल का माहौल बनाते हैं। KSOC ने जिस प्रदर्शन विश्लेषण की घोषणा की है, वह केवल स्वर्ण पदकों की संख्या गिनने तक सीमित न रहकर प्रशिक्षण प्रणाली और खेल विज्ञान जैसे प्रदर्शन को प्रभावित करने वाले पहलुओं की पड़ताल कर सकता है। हालाँकि, विश्लेषण के नतीजे या सुधार के उपाय अभी सार्वजनिक नहीं किए गए हैं, इसलिए केवल इन खेलों के परिणामों के आधार पर यह तय नहीं कहा जा सकता कि क्या बदलाव होंगे।
संचालन संबंधी समस्याएँ दिखाती हैं कि खिलाड़ियों के लिए प्रतियोगिता की तैयारी पर ध्यान केंद्रित कर पाने वाला माहौल क्यों ज़रूरी है। उदाहरण के लिए, अगर किसी टीम को मैच से पहले प्रशिक्षण स्थल तक जाने के लिए समय पर परिवहन न मिले, तो उसे तय अभ्यास रद्द करना या अपना कार्यक्रम बदलना पड़ सकता है। यह शटल बस न पहुँचने की रिपोर्ट की गई घटना जैसी स्थिति का एक काल्पनिक उदाहरण है; यह पुष्टि नहीं हुई है कि इससे मैच के नतीजों पर क्या असर पड़ा।
दक्षिण कोरियाई दल के प्रमुख ली सांग-ह्योन ने कहा कि 2023 के एशियाई खेलों और 2024 के ओलंपिक का अनुभव भी उन्हें नागोया में हुई घटनाओं के लिए तैयार नहीं कर पाया। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों को खेलों के दौरान अचानक सामने आने वाली परिस्थितियों से बेहतर ढंग से निपटने के लिए प्रशिक्षण की ज़रूरत है। इसका अर्थ यह है कि संगठनात्मक संचालन को बेहतर बनाने के काम से अलग, खिलाड़ियों को अप्रत्याशित परिस्थितियों का सामना करने के लिए तैयार करना भी ज़रूरी है।
अध्यक्ष र्यु ने इन एशियाई खेलों को 2028 लॉस एंजिलिस ओलंपिक की तैयारियों की प्रक्रिया का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। प्रदर्शन का विश्लेषण करने और खिलाड़ियों तथा कोचों की बात अधिक सुनने की योजना ओलंपिक से पहले राष्ट्रीय टीम की तैयारियों से जुड़ी है। दूसरी ओर, उन्होंने कहा कि खेलों के संचालन की समीक्षा से मिले सबक अगले ग्रीष्मकाल में मध्य चुंगचेओंग क्षेत्र में होने वाले ग्रीष्मकालीन विश्व विश्वविद्यालय खेलों की तैयारियों के लिए महत्वपूर्ण हैं। इन दोनों खेल आयोजनों से जुड़े बयानों को अलग-अलग समझना चाहिए। लॉस एंजिलिस ओलंपिक की तैयारियों के लिए संचालन संबंधी गड़बड़ियों को सीधे तौर पर चुनौती के रूप में पेश नहीं किया गया है।
पुष्टि किए गए तथ्य और जो अभी अज्ञात है
पुष्टि किए गए तथ्य
- दक्षिण कोरिया 39 स्वर्ण पदकों के साथ तीसरे स्थान पर रहा और लगातार तीसरी बार कुल मिलाकर तीसरे स्थान पर आया। रिपोर्टों के अनुसार, खेलों से पहले उसका लक्ष्य लगभग 40–50 स्वर्ण पदकों का था।
- चीन ने 169 और जापान ने 83 स्वर्ण पदक जीते।
- KSOC ने कहा कि वह परिणामों का विस्तृत विश्लेषण करेगा और प्रशिक्षण प्रणाली तथा खेल विज्ञान आदि की समीक्षा करेगा।
- खेलों के दौरान शटल बस न पहुँचने, फुटबॉल टीम को गलत मैदान पर भेजे जाने, राष्ट्रगान बजाने और दल का परिचय देने में हुई गलतियों की खबरें आईं।
- अध्यक्ष र्यु ने इन खेलों के संचालन को ग्रीष्मकालीन विश्व विश्वविद्यालय खेलों की तैयारियों के लिए एक सबक बताया।
जो अभी अज्ञात है
- KSOC के विस्तृत विश्लेषण के नतीजे क्या हैं और प्रशिक्षण तथा खेल विज्ञान में सुधार की क्या योजनाएँ हैं?
- आयोजन संचालन की समस्याओं के कारण क्या थे और उनकी पुनरावृत्ति रोकने के लिए क्या उपाय किए जाएँगे?
- खिलाड़ियों को अचानक सामने आने वाली परिस्थितियों से निपटने का प्रशिक्षण किस तरीके से और किस समय-सारिणी के तहत दिया जाएगा, इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
पाठकों को किन बातों पर नज़र रखनी चाहिए
- KSOC आगे जो विस्तृत विश्लेषण सार्वजनिक करेगा, उसमें तीरंदाज़ी और ताइक्वांडो सहित अलग-अलग खेलों का आकलन तथा प्रशिक्षण प्रणाली और खेल विज्ञान में सुधार के उपाय किस तरह पेश किए जाते हैं, इस पर नज़र रखी जा सकती है।
- यह देखना ज़रूरी होगा कि ग्रीष्मकालीन विश्व विश्वविद्यालय खेलों की तैयारियों के दौरान इन एशियाई खेलों में संचालन संबंधी समस्याओं को किन प्रक्रियाओं या उपायों में शामिल किया जाता है।
- यह भी देखने लायक है कि क्या खिलाड़ियों को अचानक सामने आने वाली परिस्थितियों से निपटने का प्रशिक्षण वास्तव में दिया जाता है और तैयारियों की प्रक्रिया में खिलाड़ियों तथा कोचों की राय शामिल की जाती है।
संदर्भ
- संदर्भित अन्य रिपोर्ट: koreatimes.co.kr
- संदर्भित अन्य रिपोर्ट: en.yna.co.kr




















