मुख्य न्यायाधीश चो ही-दाए 6 अक्टूबर 2026 को संसद की विधि एवं न्याय समिति (국회 법제사법위원회) की सर्वोच्च न्यायालय और अन्य मामलों पर संसदीय जांच (국정감사) में उपस्थित हुए। डेमोक्रेटिक पार्टी (더불어민주당) के सांसद ली सॉंग-यून ने कहा कि सर्वोच्च न्यायालय के 업무추진비 (업무추진비) से जनवरी 2022 से अगस्त 2025 तक 1억800만원 की वाइन खरीदी गई और पूछा कि क्या सारी वाइन पी ली गई थी तथा उसे खरीदने की वजह क्या थी। मुख्य न्यायाधीश चो ने जवाब दिया कि वह शराब नहीं पीते और तीनों संवैधानिक अंगों के प्रमुख खुद शराब नहीं खरीदते।
मुख्य न्यायाधीश चो ने कहा कि उन्होंने 업무추진비 कार्ड से खुद भुगतान नहीं किया और न ही कागजात तैयार किए। उन्हें संबंधित तथ्यों की जानकारी पहली बार अब मिली है और वह यह सुनिश्चित करने के लिए सुधार करेंगे कि आगे ऐसा न हो।
पृष्ठभूमि और संदर्भ
업무추진비 किसी संस्था के कामकाज के लिए इस्तेमाल होने वाला खर्च है। इस विवाद का मुख्य मुद्दा केवल वाइन खरीदने का आरोप नहीं, बल्कि यह भी है कि बजट किस उद्देश्य और प्रक्रिया के तहत खर्च किया गया तथा खर्च की पुष्टि और निगरानी किसने की। चूंकि 업무추진비 सार्वजनिक संस्थान के बजट से आता है, इसलिए इस मामले पर ध्यान दिया जा रहा है कि नागरिक खर्च और उसकी जिम्मेदारी का पता लगा सकें।
सांसद ली सॉंग-यून ने कहा कि मुख्य न्यायाधीश चो जिन जगहों पर भोजन करते थे, वे अधिकतर सर्वोच्च न्यायालय और हन्नाम-दोंग स्थित आधिकारिक आवास के पास थीं। उन्होंने 75,000 वॉन के सुशी ओमाकासे, 65,000 वॉन के कोरियाई भोजन वाले रेस्तरां और होटल के रेस्तरां में 180,000 वॉन के भोजन का उल्लेख किया। मुख्य न्यायाधीश चो ने जवाब दिया कि वह लोगों का हौसला बढ़ाने के लिए वहां गए थे, लेकिन उन्हें बजट आवंटन और खर्च या उन भोजन के बिलों की जानकारी नहीं थी। महंगे भोजन के बारे में उन्होंने समझाया कि कर्मचारी अक्सर साथ मिलने से कतराते हैं और कभी-कभी मिलकर ऐसा खाना चाहते हैं जिसे उन्होंने पहले न खाया हो। उन्होंने जनता से खेद भी जताया।
यहां सांसद द्वारा बताई गई खरीद की कुल राशि और वास्तविक खर्च के विस्तृत ब्योरे के बीच अंतर करना चाहिए। प्रकाशित खबरों में वाइन की खरीद राशि और भोजन की कीमतों को लेकर सवाल और जवाब तो दिए गए हैं, लेकिन यह नहीं बताया गया कि वाइन किन आयोजनों में इस्तेमाल हुई, किसे दी गई या संबंधित खर्च नियमों के अनुरूप था या नहीं। इसलिए केवल बताई गई राशि के आधार पर यह तय नहीं किया जा सकता कि खर्च अनुचित था। दूसरी ओर, यह जवाब कि उन्हें खर्च की जानकारी नहीं थी, अपने आप में प्रबंधन की जिम्मेदारी से जुड़े सवालों का समाधान भी नहीं करता।
इस खबर का महत्व
पहला, खर्च की जिम्मेदारी केवल इस आधार पर तय नहीं हो सकती कि किसी ने कार्ड खुद इस्तेमाल किया या नहीं। जिम्मेदारी का दायरा समझने के लिए यह भी सामने आना चाहिए कि बजट खर्च करने वाले अधिकारी और अंतिम मंजूरी तथा निगरानी के लिए जिम्मेदार व्यक्ति कौन हैं, और खर्च के उद्देश्य तथा उसके प्रमाणों की पुष्टि किस तरह की जाती है। मुख्य न्यायाधीश चो ने कहा कि उन्हें बजट आवंटन और खर्च की जानकारी नहीं थी, लेकिन प्रकाशित जानकारी से वाइन खरीद की मंजूरी और हिसाब निपटाने की विस्तृत प्रक्रिया का पता नहीं चलता।
दूसरा, यह भी देखना होगा कि “सुधार करूंगा” कहने से वास्तव में बदलाव होता है या नहीं। मुख्य न्यायाधीश चो ने कहा कि वह आगे ऐसी घटना नहीं होने देंगे, लेकिन यह नहीं बताया कि कौन-सी प्रक्रिया बदली जाएगी और कब से। खरीद का उद्देश्य, प्राप्ति और इस्तेमाल का ब्यौरा, खर्च की मंजूरी और जांच की प्रक्रिया ठोस रूप से सार्वजनिक होने पर ही यह आंका जा सकेगा कि वादा पूरा हुआ या नहीं।
उदाहरण के लिए, यदि कोई नागरिक यह जानना चाहे कि वाइन की कोई खास खरीद किसी आधिकारिक आयोजन में इस्तेमाल हुई थी या नहीं, तो खरीद के रिकॉर्ड के साथ आयोजन का उद्देश्य, प्राप्ति और इस्तेमाल का ब्यौरा तथा भुगतान और हिसाब निपटाने के दस्तावेज भी देखने होंगे। यह जांच का तरीका समझाने के लिए दिया गया एक काल्पनिक उदाहरण है; इसका मतलब यह नहीं कि वे दस्तावेज वास्तव में सार्वजनिक किए गए हैं या वाइन का कोई खास इस्तेमाल पता चला है।
अलग-अलग खबरों में बताई गई बातें
वाइन की खरीद और भोजन के खर्च पर सवालों से जुड़ी खबरों में बताया गया कि मुख्य न्यायाधीश चो ने कहा था कि उन्हें 업무추진비 के खर्च की जानकारी नहीं थी। सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को प्रोत्साहन राशि देने के एक अलग मामले में जवाबों में अंतर सामने आया। मुख्य न्यायाधीश चो ने कहा कि वह उस मामले में शामिल नहीं थे, जिसका खुलासा लेखापरीक्षा एवं निरीक्षण बोर्ड (감사원) की नियमित जांच में हुआ था: न्यायालय प्रशासन कार्यालय (법원행정처) ने तीन साल से कुछ अधिक समय तक सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को हर महीने औसतन 200만원 की प्रोत्साहन राशि नकद दी थी। हालांकि, दूसरी खबर के अनुसार, न्यायालय प्रशासन कार्यालय के प्रमुख नो क्युंग-पिल ने बाद में अपना जवाब सुधारते हुए कहा कि प्रोत्साहन राशि देने का अंतिम फैसला मुख्य न्यायाधीश करते हैं।
यह प्रोत्साहन राशि वाइन की खरीद या भोजन के खर्च से अलग मामला है। प्रोत्साहन राशि पर दिए गए परस्पर विरोधी जवाबों को इस तरह बढ़ा-चढ़ाकर नहीं देखना चाहिए मानो उनसे वाइन खर्च की जिम्मेदारी साबित हो गई हो। लेकिन ये जवाब सार्वजनिक संस्थानों के खर्च में दैनिक स्तर पर खर्च करने और अंतिम फैसला लेने के बीच संबंध स्पष्ट करने की जरूरत दिखाते हैं।
संसदीय जांच के दौरान मुख्य न्यायाधीश के सदन से बाहर जाने को लेकर भी सत्तापक्ष और विपक्ष के बीच टकराव हुआ। पीपुल्स पावर पार्टी (국민의힘) के सांसदों ने मुख्य न्यायाधीश चो के शुरुआती संबोधन के बाद उनसे जाने को कहा, लेकिन विधि एवं न्याय समिति की अध्यक्ष सॉ योंग-ग्यो ने इनकार कर दिया। अध्यक्ष सॉ ने सांसद किम ताए-ग्यू और सांसद पाक ह्यॉंग-सू को बोलने से रोक दिया। खर्च के तथ्यों से अलग, यह घटनाक्रम दिखाता है कि संसद में न्यायपालिका से जवाबदेही मांगने और जवाब हासिल करने के तरीके को लेकर भी टकराव चल रहा था।
पुष्ट तथ्य और अब तक अज्ञात बातें
पुष्ट तथ्य
- मुख्य न्यायाधीश चो ही-दाए 6 अक्टूबर 2026 को संसद की विधि एवं न्याय समिति की संसदीय जांच में उपस्थित हुए।
- सांसद ली सॉंग-यून ने कहा कि जनवरी 2022 से अगस्त 2025 तक 업무추진비 से 1억800만원 की वाइन खरीदी गई।
- मुख्य न्यायाधीश चो ने कहा कि वह शराब नहीं पीते और उन्हें बजट आवंटन, खर्च तथा भोजन के बिलों की जानकारी नहीं थी। उन्होंने सुधार करने की बात कही।
- सांसद ली सॉंग-यून ने भोजन की जगहों और कीमतों का उल्लेख किया। मुख्य न्यायाधीश चो ने कहा कि इसका उद्देश्य कर्मचारियों का हौसला बढ़ाना था और फिर जनता से खेद जताया।
- लेखापरीक्षा एवं निरीक्षण बोर्ड की नियमित जांच के नतीजों के संबंध में सर्वोच्च न्यायालय के न्यायाधीशों को नकद प्रोत्साहन राशि देने का मामला उठाया गया। इस मामले में मुख्य न्यायाधीश की भूमिका पर प्रकाशित जवाबों में अंतर था।
अब तक अज्ञात बातें
- खरीदी गई वाइन का वास्तविक इस्तेमाल कहां हुआ और उसे किसने प्राप्त किया?
- वाइन की खरीद और भोजन के खर्च का विस्तृत ब्यौरा क्या है, और क्या 업무추진비 खर्च करने के नियमों का पालन किया गया?
- मुख्य न्यायाधीश चो ने जिन सुधारों का वादा किया, वे ठोस रूप से क्या हैं और कब लागू होंगे?
- प्रोत्साहन राशि देने का दैनिक कामकाज और अंतिम फैसला किस प्रक्रिया के तहत हुआ?
पाठक क्या जांच सकते हैं
- आगे सार्वजनिक किए जाने वाले दस्तावेजों में हर खरीद की तारीख, राशि, उद्देश्य, प्राप्ति या इस्तेमाल का ब्यौरा और हिसाब निपटाने के प्रमाण दिए गए हैं या नहीं, यह देखा जा सकता है।
- यह देखना जरूरी है कि मुख्य न्यायाधीश चो का सुधार का वादा प्रक्रिया में ठोस बदलाव या जांच के तरीके में बदलाव के रूप में सामने आया या नहीं, और लागू होने की तारीख बताई गई या नहीं।
- प्रोत्साहन राशि वाइन खर्च से अलग मामला है। इसलिए खर्च पर फैसला लेने के अधिकार और उसे लागू करने की जिम्मेदारी में अंतर समझने के लिए लेखापरीक्षा के नतीजों और न्यायालय प्रशासन कार्यालय के संशोधित जवाब की अलग-अलग जांच करनी चाहिए।
संदर्भ
- संदर्भित अन्य रिपोर्ट: chosun.com
- संदर्भित अन्य रिपोर्ट: hani.co.kr




















